Monday, 16 January 2017

डर का सामना


image



  एक दिन, अफ्रीका के मैदानों में, वॉल्टर नाम का एक नवयुवक भैंसा अपने पिता के पास जाता है और पूछता है कि यहाँ जंगल में ऐसा कुछ है जिससे की उसे डरना चाहिए ।

 "केवल शेरों से मेरे बेटे", उसके पिता ने जवाब दिया।

 "ओह हाँ, मैंने शेरों के बारे मे सुना था, अगर मैं कभी भी उनमें से किसी को भी देखूँगा तो मैं वापस मुड़ जाऊँगा और जितना तेज हो सके उतनी तेजी से भागने लगूँगा।, " वॉल्टर ने कहा।

 "नहीं बेटा, इससे ज्यादा बुरा और कुछ है ही नहीं जो तुम कर सकते हो, " उसके पिता ने कहा।

 "क्यों? वे डरावने हैं और मुझे मारने की कोशिश करेंगे।" वॉल्टर चकित होकर बोलता है।

 तब उसके पिता ने मुस्कराया और समझाया,
"वॉल्टर, अगर तुम दूर भागते हो तो शेर तुम्हारा पीछा करेंगे और ऐसा करते वक्त वे तुम्हारी असुरक्षित पीठ पर छलाँग मारेंगे व तुम्हें नीचे गिरा देंगे उसके बाद तुम्हारी मृत्यु निश्चित हैं।"

 "तो मुझे क्या करना चाहिए? ", वॉल्टर पूछता है।

 "अगर तुम कभी किसी शेर को देखते हो तो वहीं अपनी जगह पर डटकर खड़े हो जाना यह दिखाने के लिए की तुम उससे डरते नहीं हो। अगर वह दूर नहीं हटता है तो उसे अपनी पैंनी सींगे दिखाना और जमीन पर अपने खुर पटकना। अगर यह काम नहीं करता है तो धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगना। अगर यह भी काम नहीं करता है तो तुम उस पर आक्रमण कर देना और हर संम्भव जगह पर प्रहार करना !"

 "यह पागलपन हैं, ऐसा करते वक्त तो मैं निश्चित ही बहुत भयभीत हो जाऊँगा और यह खतरनाक भी है, क्या होगा अगर उसने वापस मुड़कर मुझ पर हमला कर दिया?" उस भौंचक्के नवयुवक भैंसे ने पूछा।

 "अपने चारो ओर देखो, वॉल्टर। तुम क्या देखते हो?" वॉल्टर अपने चारो तरफ अपने बाकी के झुंड को देखता है। वहाँ पर लगभग 200 भीमकाय जानवर थे और सब के सब पैंनी सींगो और विशालकाय कंन्धों से सशस्त्र थे।

 "अगर तुम कभी भी डर रहे हो तो यह याद रखना कि हम यहाँ है तुम्हारे साथ। यदि तुम घबराते हो और अपने डर के कारण भाग जाते हो तो हम तुम्हें नहीं बचा पायेंगे, लेकिन अगर तुम शेरों पर हमला करते हो तो हम ठीक तुम्हारे पीछे खड़े रहेंगे।" उस नवयुवक भैंसे ने लम्बी साँस ली और सहमति से सिर हिलाया।
 "धन्यवाद पिताजी, मेरे ख्याल से मैं समझ गया हूँ"



  हमारे संसार में हम सभी की जिंदगी में कोई ना कोई शेर उपस्थित हैं। हमारी जिंदगी में बहुत से ऐसे कारक हैं जो हमें डराते हैं और हमें भागने के लिए उकसाते हैं, और यदि हम ऐेसा करते हैं तो वे हमारा पीछा करेंगेे , हमें रौंद डालेंगे और हमारी जिंदगी पर कब्जा कर लेंगे। हमारे अंदर के कुछ निष्क्रिय विचार उन चीजों द्वारा हम पर हावी हो जाते हैं जिनसे हम डरा करते है और इस कारण हम कोई ना कोई कायरतापूर्ण कार्य कर जाते हैं। किसी ने कहा है "बुराई का विरोध करो और वह तुम्हारे अंदर से भाग जायेगी।" अतः अपने डर का सामना करो। उन्हें दिखा दो कि तुम उनसे डरते नहीं हो। उन्हें दिखा दो कि तुम कितने ताकतवर हो। और साहस व निर्भिकता के साथ उनकी ओर दौड़ों यह जानते हुए कि कोई ना कोई तुम्हारे पीछे खड़ा है तुम्हारी सहायता करने के लिए। तो तुम्हें इस तुच्छ डर कि क्या जरूरत ? Translated From - The Young Buffalo – A Story About Facing Your Fears

0 comments:

Post a Comment